विचारशील नीति-निर्माण की ऐसी प्रक्रिया जिसकी जड़ें इरादों में बसी हों, प्रजातांत्रिक शासन की आधारशिला होती है। इसके लिए हाशियों पर जीवन बसर करने वाले समुदायों की आवाजों को केंद्र में रखकर समावेशित करना अत्यंत आवश्यक होता है।
प्रस्तुत दस्तावेज इसी सिद्धांत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसे देश के 21 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में व्यापक सामुदायिक सुनवाई और सहयोग से तैयार किया गया है। इस दस्तावेज को तैयार करने में, हमने सामुदायिक आवाजों की ताकत को पहचाना। हमने वंचित समुदायों की बात को ध्यानपूर्वक सुनकर सुनिश्चित किया कि उनकी बुद्धिमत्ता तथा पारंपरिक ज्ञान का सम्मान करते हुए उनकी मांगों को संजीदगी से सुना जाए और उनकी वाजिब जरूरतों पर ध्यान दिया जाए, जिसके वे हकदार हैं। इस क्रम में समुदाय-आधारित, नागरिक समाज संगठनों और जन आंदोलनों सहित विभिन्न हित धारकों के साथ चर्चा की गई। हमने देश के 344 जिलों, 18,294 गाँवों, 244 शहरों और कस्बों में लगभग 24,927 सामुदायिक-स्तरीय बैठकें आयोजित कीं। हमारा अनुमान है कि यह दस्तावेज करीब 6,90,047 प्रतिभागियों के साथ किए गए विमर्श का नतीजा है।
SUBSCRIBE TO OUR NEWSLETTER
* Mandatory fields
My ActionAid page
My ActionAid is an interactive space created exclusively
for ActionAid donors to express themselves, to get in touch with us , to be a part
of our campaigns and to trace their journey with the ActionAid family!