देश में अनलॉक की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ होने के बाद à¤à¥€ लगà¤à¤— 48 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों का कहना है कि वे बेरोजगार हैं। à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨à¤à¤¡ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठजा रहे अनौपचारिक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों पर à¤à¤• देशवà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के दूसरे चरण के परिणाम लॉकडाउन अवधि के दौरान किठगठसरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ के पहले चरण की परिणाम की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं, जब कà¥à¤² किठगठसाकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार में से 78 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कामगारों ने लॉकडाउन में आजीविका खतà¥à¤® होने की बात कही थी। हालांकि, वे शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•, जो अनलॉक की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बाद रोजगार पाने में सफल रहे हैं, उनमें से 42 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ के करीब ने कहा कि वे या तो आंशिक रूप से काम कर पा रहे हैं, कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° या कम घंटे काम कर रहे हैं। à¤à¤¸à¤¾ अनलॉक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में काम की गहनता के कारण à¤à¥€ हो सकता है, जो कि पहले से बà¥à¥€ है, लेकिन लॉकडाउन से पहले की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जिसे हम सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ मान सकते हैं, से कॉफी कम है।
अनौपचारिक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों के देशवà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के लिठदूसरे चरण के सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ में देश à¤à¤° के 23 राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के 400 से अधिक जिलों में 16,900 से अधिक अनौपचारिक कामगारों से बातचीत की गई। यह सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ 23 अगसà¥à¤¤ 2020 से 8 सितंबर 2020 तक अनलॉक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ 3.0 के दौरान किया गया, जो सरकार की चरणवार अनलॉक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से लॉकडाउन खतà¥à¤® करने की योजना का तीसरा चरण था। साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार में शामिल कामगारों से विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर बातचीत करने के दौरान उनकी आजीविका, वेतन, बचत, खपत, वà¥à¤¯à¤¯ और कलà¥à¤¯à¤¾à¤£à¤•ारी योजनाओं तक उनकी पहà¥à¤‚च के बारे में के बारे में पूछा गया। कामगारों का लगà¤à¤— à¤à¤• तिहाई शहरी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ से जबकि 72 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ से था। वहीं, 63 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ पà¥à¤°à¥à¤· कामगार, 37 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिला कामगार और 17 टà¥à¤°à¤¾à¤‚सजेंडर कामगारों ने सरà¥à¤µà¥‡ में हिसà¥à¤¸à¤¾ लिया। अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ इस बात इस बात को गहराई से समà¤à¤¨à¤¾ है कि मौजूदा देशवà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ संकट अनौपचारिक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों के जीवन पर किस तरह से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल रहा है।
चूंकि रोजगार की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अब à¤à¥€ पूरà¥à¤µ-लॉकडाउन के सà¥à¤¤à¤° से कहीं पीछे है, इस कारण कामगारों को मिलने वाला मासिक वेतन बहà¥à¤¤ कम है। लगà¤à¤— 24 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कामगारों ने अनलॉक की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में न के बराबर वेतन पाने की बात कही और 50 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ के लगà¤à¤— कामगारों ने मासिक वेतन 5,000 रà¥à¤ªà¤ से à¤à¥€ कम होने की बात कही। इसके अतिरिकà¥à¤¤, 64 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से अधिक कामगारों ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान उनका बकाया वेतन अब तक उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नहीं मिला है।
रोजगार और वेतन के निमà¥à¤¨ सà¥à¤¤à¤° को देखते हà¥à¤, उपà¤à¥‹à¤— और बचत का तनाव अनौपचारिक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों के जीवन पर सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से दिखाई देता है। कà¥à¤² मिलाकर, 68 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कामगारों ने कहा कि उनके परिवार के लिठà¤à¥‹à¤œà¤¨ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं था। 88 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ के करीब शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों ने कहा कि उनकी बचत उनके लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं थी। इसमें शहरी से 93 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कामगार और गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के 86 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कामगार शामिल हैं। इसके अलावा, लगà¤à¤— 39 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों ने बताया कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनलॉक की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान परिवार का खरà¥à¤š चलाने के लिठउधार लेना पड़ा है। इसमें शहरी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के 47 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• और गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के 36 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• शामिल हैं। लॉकडाउन से पहले काम के लिठदूसरी जगहों या गांव से शहरों को पलायन करने वाले शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों का कहना है कि वे अब काम के लिठबाहर नहीं जाना चाहते हैं। लगà¤à¤— 57 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ à¤à¤¸à¥‡ शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों ने कहा कि वे अपने गृह जिलों में रहकर ही काम तलाश करेंगे। इसके पीछे पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸ शहर या जिले में कोविड -19 के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा, रोजगार के अवसरों की कमी, और शहरों में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सामानà¥à¤¯ होने में लगने वाले समय की अनिशà¥à¤šà¤¤à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– वजहें हैं।
सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ के ये शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ परिणाम अनौपचारिक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों के जीवन को वापस पटरी पर लाने के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ करà¥à¤œ में डूबने से बचाने के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ और उनके लिठआजीविका के पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£ की ततà¥à¤•ाल आवशà¥à¤¯à¤•ता को उजागर करते हैं। सरà¥à¤µà¥‡ के परिणामों और निषà¥à¤•रà¥à¤·à¥‹à¤‚ को à¤à¤• विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ रिपोरà¥à¤Ÿ के साथ-साथ आने वाले कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में राजà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° के आंकड़ों के साथ नीतियों और जमीनी हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ªà¥‹à¤‚ के लिठआधार को मजबूती देने के लिठसामने लाया जाà¤à¤—ा।
à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨à¤à¤¡ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के कारà¥à¤¯à¤•ारी निदेशक संदीप चचरा ने अनौपचारिक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों पर किठगठदेशवà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के दूसरे चरण के परिणाम और निषà¥à¤•रà¥à¤£ को जारी करते हà¥à¤ कहा, “à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨à¤à¤¡ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ ने देश à¤à¤° में अनौपचारिक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को गहराई से समà¤à¤¨à¥‡ के लिठयह देशवà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ किया है, ताकि कोविड -19 की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और संकट का सामना करने में उनकी मदद की जा सके। इस समय देश à¤à¤° में अनौपचारिक अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ पर निरà¥à¤à¤° सà¤à¥€ लोगों को मदद और सहयोग पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है, जिसके तहत à¤à¤®à¤à¤¸à¤à¤®à¤ˆ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के लिठलिंक समरà¥à¤¥à¤¨, शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों की रोजगार सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठपेरोल समरà¥à¤¥à¤¨ और साथ ही गरीब कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ रोजगार अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° करना ताकि गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ और शहरी दोनों ही कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने जा सके।
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जोसेफ़ मथाई : mathai.joseph@actionaid.org | 9810188022
à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨à¤à¤¡ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के बारे में
सामाजिक संसà¥à¤¥à¤¾ à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨à¤à¤¡ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ सामाजिक और पारिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤• नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के लिठकाम करने करती है। à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨à¤à¤¡ 1972 के बाद से à¤à¤¾à¤°à¤¤ में समाज के पिछड़े और कमजोर समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ जà¥à¥œà¤•र काम कर रही है। 2006 में à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨à¤à¤¡ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ को à¤à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संगठन के रूप में पंजीकृत किया गया था, जो à¤à¤• सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° महासà¤à¤¾ और à¤à¤• गवरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग बोरà¥à¤¡ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शासित था। à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨à¤à¤¡ अपने समरà¥à¤¥à¤•ों, समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚, संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ और सरकारों के साथ मिलकर काम करते हà¥à¤ सà¤à¥€ के लिठसमानता, बंधà¥à¤¤à¥à¤µ और सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ वाले समाज के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के लिठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¤°à¤¤ है। à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨à¤à¤¡ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ 24 राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और दो केंदà¥à¤° शासित पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ में काम करता है, जिसमें कई सहयोगी संसà¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚ शामिल हैं।
à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨à¤à¤¡ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ à¤à¤• वैशà¥à¤µà¤¿à¤• महासंघ का हिसà¥à¤¸à¤¾ है और à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨à¤à¤¡ इंटरनेशनल का पूरà¥à¤£ सहयोगी है, जिसकी विशà¥à¤µà¤à¤° में 40 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देशों में उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है।
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