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Bin Pani Sab Soon…

Update: 5-June-2016

बिन पानी सब सून (Without Water All Is Desolate)

सुखा या अकाल इस समय के सबसे खतरनाक, डरावने और चिंता पैदा करने वाले शब्द है१ इन शब्दों का अर्थ यानि मौत, आत्महत्या, पलायन, बंजर धरती, बूंद-बूंद पानी को तरसता समाज, अकाल मौत, मरते पशु-पक्षी, घटता जल स्तर आदि१ आज सरकार के दबाव में भारतीय मौसम विभाग सूखे शब्द को ही टा-टा करना चाहता है और इसकी जगह कम वर्षा, औसत वर्षा की शब्दावली उपयौग करना चाहता है और ये सिर्फ शब्दों का परिवर्तन नहीं बल्कि एक सोची समझी राजनीति है१ एक बहस राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मौसम परिवर्तन की भी इस समय चल रही है,

सूखे का बुंदेलखंड के जीवन पर गहरा असर दिखाई देता है१ खेत सूखे पड़े है, गावो में पीने का पानी नहीं है और रोजगार की तलाश में लोगो को दर-दर भटकना पड़ रहा है१ इस तरह बुंदेलखंड के लोगो के जीवन जीने के अधिकार का हनन हो रहा है१ आखिर यह सवाल सभी के मन में है कि बुंदेलखंड को सूखे से मुक्ति मिलेगी या नहीं, और यदि मिलेगी तो कब व केसे? इसी सवाल का उत्तर तलाशने के लिए यह जरुरी है कि बुंदेलखंड में सूखे स्थिति को परखा जाये और उसे सामने लाकर समाज के बिभिन्न तबको, सरकार, प्रशासन, सामाजिक कार्यकर्ताओ, विशेषज्ञो और संस्था संगठनो के साथ मिलकर उपाय के रास्ते तलाशे जये१ इसी जरुरत को देखते हुए प्रस्तुत अध्ययन की अवधारणा सामने आई१